Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को बड़ी सफलता मिली है। सीआईडी ने मामले में सुमित कुमार सिंह और भानु प्रताप को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भानु प्रताप सरकारी अधिकारी है। आरोप है कि उसने कथित तौर पर अनुचित तरीके से परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल की थी। वह उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के पद पर कार्यरत था। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने परीक्षा धांधली से जुड़े सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 10 से 12 अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सफल कराने में भूमिका निभाई थी। इस मामले का कथित मुख्य सरगना और परीक्षा एजेंसी आईसीएन टेक्नोलॉजी का निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके अब भी फरार है।
परीक्षा एजेंसी के निदेशक से जुड़े हैं आरोपियों के तार
जांच के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी आईसीएन टेक्नोलॉजी के निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके के करीबी रिश्तेदार हैं। सीआईडी ने सुमित कुमार सिंह को रांची के हटिया इलाके से गिरफ्तार किया। वहीं, भानु प्रताप को बरियातू के टैगोर हिल रोड स्थित रविंद्र नगर से पकड़ा गया। भानु प्रताप जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत था। दूसरी ओर, सुमित कुमार सिंह राशन और किराने की दुकान चलाता है।
10 से 12 अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप
सीआईडी की छानबीन, अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों ने सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 10 से 12 अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से परीक्षा में सफल कराया था। अब सीआईडी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का पता लगा रही है। इसके साथ ही परीक्षा में धांधली के बदले हुए पैसों के लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी मिथिलेश सिंह उर्फ आरके अब भी फरार
इस मामले में आईसीएन टेक्नोलॉजी के निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उसे सिंडिकेट का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। फिलहाल वह फरार है और सीआईडी उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेज दिया गया।




















