Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। CID की ओर से कोर्ट में पेश की गई केस डायरी में TDPL से जुड़े अभय तिवारी को कथित तौर पर इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, JPSC की दो परीक्षाओं में करीब 500 OMR शीट से छेड़छाड़ की गई थी। वहीं, JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID की SIT ने गुरुवार को 25 सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया।
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साले के नाम पर था TDPL कार्यालय का लीज एग्रीमेंट
CID की केस डायरी के अनुसार, अभय तिवारी ने TDPL के लिए रांची में फ्लैट उपलब्ध कराने में मदद की थी। लालपुर स्थित फ्लैट की मालिक रेखा देवी ने जांच एजेंसी को दिए बयान में बताया कि TDPL के कार्यालय का लीज एग्रीमेंट अभय तिवारी के साले सौरभ पांडेय के नाम पर किया गया था। जांच के मुताबिक, इसी फ्लैट से TDPL के ऑपरेशन संचालित किए जाते थे। CID ने इस फ्लैट से अभय तिवारी का TDPL कर्मी के तौर पर बना आईकार्ड भी बरामद किया है।
TDPL निदेशकों के रांची दौरे का खर्च भी अभय ने उठाया
केस डायरी में CID ने दावा किया है कि TDPL के निदेशकों के रांची दौरे का खर्च भी अभय तिवारी ने उठाया था। होटल के बिल का भुगतान UPI के जरिए किए जाने की बात जांच में सामने आई है। जांच एजेंसी ने UPI लेनदेन और फ्लैट के लीज एग्रीमेंट को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। इन दस्तावेजों के आधार पर अभय तिवारी की TDPL की गतिविधियों में भूमिका की जांच की जा रही है।

नॉमिनेशन के आधार पर TDPL को काम दिलाने में भूमिका
CID ने कोर्ट को बताया है कि TDPL को नॉमिनेशन के आधार पर काम दिलाने में भी अभय तिवारी की भूमिका थी। जांच एजेंसी ने इस संबंध में सामने आए वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों को केस का अहम हिस्सा बताया है। केस डायरी में JPSC 2025 PT परीक्षा से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। CID के मुताबिक, बुद्धेश्वर उरांव ने 24 अभ्यर्थियों को जुटाया था, जिनमें से 11 अभ्यर्थियों ने 10-10 लाख रुपये दिए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम भी अभय तिवारी तक पहुंचाई गई थी।
बैंक खातों और आरोपियों के बयानों की भी जांच
CID ने धर्मेंद्र कुमार के बैंक खातों की जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी भी कोर्ट को दी है। इसके साथ ही TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और अभय तिवारी के बयानों में सामने आई जानकारियों का भी केस डायरी में उल्लेख किया गया है। JPSC और JSSC परीक्षा अनियमितता मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ वित्तीय लेनदेन, OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मामले में CID की जांच और कोर्ट में पेश दस्तावेजों के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है।

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