झारखंड के कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा संसद पहुंचा, एनडीए सांसदों ने किया प्रदर्शन

Rupa Kumari | July 29, 2026 | 01:39 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों का मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में भी गूंजा। झारखंड से जुड़े एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राजनीतिक नारे भी लगाए गए।

संसद परिसर में एनडीए सांसदों का प्रदर्शन

प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा सांसद मनीष जायसवाल, ढुलू महतो, विद्युत वरण महतो, खीरू महतो, प्रदीप वर्मा समेत झारखंड के कई एनडीए सांसद शामिल हुए। सांसदों ने तख्तियों के माध्यम से राज्य में परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद

झारखंड में हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में भी लगातार बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है।

छात्रों के हितों की रक्षा की मांग

प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनका कहना है कि लाखों युवा सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए परीक्षा प्रणाली पर उठने वाले सवालों का समाधान होना चाहिए। सांसदों ने मांग की कि परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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राज्य सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान एनडीए नेताओं ने झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाले मामलों पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। फिलहाल परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है, जबकि विभिन्न जांच एजेंसियां संबंधित मामलों की जांच में जुटी हुई हैं।

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