Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : झारखंड फुटबॉल संघ (JFA) की वार्षिक आम सभा रविवार को गिरिडीह में आयोजित हुई। बैठक में संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। गुमला के भाजपा नेता प्रदीप वर्मा को संघ का नया अध्यक्ष चुना गया है। हालांकि, नेतृत्व में बदलाव के बावजूद संघ के महत्वपूर्ण पदों पर गुलाम रब्बानी के परिवार का प्रभाव बरकरार रहा।
पत्नी महासचिव और भांजे कोषाध्यक्ष बने
राज्य गठन के बाद पिछले 26 वर्षों से गुलाम रब्बानी झारखंड फुटबॉल संघ की कमान संभाल रहे थे। इस बार उन्होंने खुद कोई पद नहीं लिया। उनकी पत्नी शबाना रब्बानी को संघ का नया महासचिव बनाया गया है। वहीं, उनके साले के बेटे आफताब अहमद को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह अध्यक्ष पद पर बदलाव के बावजूद महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद रब्बानी परिवार के पास रहे।
चुनाव की पारदर्शिता पर उठे सवाल
संघ की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर खेल प्रेमियों के बीच सवाल भी उठ रहे हैं। आरोप है कि झारखंड के 17 जिलों के सक्रिय मतदाताओं को चुनाव की सूचना दिए बिना प्रदीप वर्मा को अध्यक्ष चुन लिया गया। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरते जाने की बात भी कही जा रही है। इसके अलावा, गिरिडीह समेत राज्य के मीडिया कर्मियों को भी चुनाव की जानकारी नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संघ की ओर से कोई पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मुकुल चौधरी समेत कई को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
नई कार्यकारिणी में टाटा स्टील के खेल विभाग के प्रमुख मुकुल विनायक चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ सरायकेला-खरसावां के अजहर अहमद और नुपूर को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। पूर्व महिला फुटबॉलर आशा और मंसूर आलम को संयुक्त सचिव बनाया गया है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्यों में बोकारो के सुभाष रजक, नवनीत ओझा और लोहरदगा के अंतरराष्ट्रीय रेफरी साजिद अहमद को शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ संघ को नया अध्यक्ष मिल गया है। हालांकि, प्रमुख पदों पर रब्बानी परिवार के सदस्यों की नियुक्ति और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर सबकी नजर रहेगी।






















