झारखंड को केंद्र से 300 करोड़, पेयजल योजनाओं और जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में पेयजलापूर्ति योजनाओं और जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से फंड मिलने के बाद अब राज्य सरकार भी अपने हिस्से के 300 करोड़ रुपये जारी करेगी। ऐसे में पेयजल योजनाओं के लिए कुल 600 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे। इस राशि से अधूरी पड़ी पेयजल योजनाओं को पूरा करने, लंबे समय से लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने और योजनाओं से जुड़े संवेदकों के बकाये भुगतान में तेजी आने की उम्मीद है।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने की थी 300 करोड़ की मांग

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘विभागीय शिखर सम्मेलन 2026’ के दौरान केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन के लिए तत्काल 300 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया था। मंत्री की मांग के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य के लिए राशि स्वीकृत की। केंद्र से फंड जारी होने के बाद योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिली राशि और राज्य सरकार के अंशदान से योजनाओं के काम में तेजी लाई जाएगी।

600 करोड़ रुपये से लंबित काम होंगे पूरे

नई राशि का इस्तेमाल अधूरी पेयजल योजनाओं, लंबित कार्यों और संवेदकों के बकाया भुगतान में किए जाने की योजना है। कई योजनाएं फंड और भुगतान में देरी के कारण प्रभावित हो रही थीं। अब केंद्र से 300 करोड़ और राज्य सरकार की ओर से 300 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बाद कुल 600 करोड़ रुपये इन योजनाओं पर खर्च किए जा सकेंगे। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को दोबारा गति मिलने की उम्मीद है।

शेष राशि जारी करने का भी आग्रह

मंत्री योगेंद्र प्रसाद के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्र से जल जीवन मिशन के तहत शेष लंबित राशि भी जल्द जारी करने का आग्रह किया है।सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में चल रही पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा पहुंचाई जा सके।

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गांवों में पेयजल सुविधा पहुंचाने पर जोर

केंद्र और राज्य से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से उन योजनाओं में किया जाएगा, जिनका काम किसी कारण से लंबित है। सरकार को उम्मीद है कि पर्याप्त फंड उपलब्ध होने से निर्माण कार्यों के साथ भुगतान संबंधी अड़चनें भी दूर होंगी। झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं को रफ्तार मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है।

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