Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक के मामलों की जांच अब और व्यापक होती दिख रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने JPSC से जुड़े मामले में ECIR दर्ज करने के बाद JSSC-CGL पेपर लीक से जुड़े दोनों मामलों की भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है। ED ने नामकुम थाना में वर्ष 2024 में दर्ज कांड संख्या 45/24 के आधार पर पहले ही ECIR दर्ज की थी। अब CID की जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर दूसरे मामले को भी अपने जांच दायरे में शामिल किए जाने की जानकारी है।
अवैध आर्थिक लेन-देन की कड़ी तलाशेगी ED
CID के केस संख्या 1/25 की जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े कई अहम साक्ष्य सामने आने के बाद ED ने मामले को आर्थिक अपराध के नजरिये से देखना शुरू किया है। ED अब CID की जांच में सामने आए तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाएगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पेपर लीक के पीछे किसी तरह का अवैध आर्थिक लेन-देन, धन का इस्तेमाल या मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। जांच के दौरान यदि आर्थिक अपराध से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो ED मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस मुख्यालय और CID से मांगी जा सकती है विस्तृत जानकारी
JSSC-CGL में कथित पेपर लीक को लेकर शुरुआती प्राथमिकी नामकुम थाना में दर्ज हुई थी। मधुमिता कुमार के बयान पर दर्ज इस प्राथमिकी में शुरुआत में अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। जांच आगे बढ़ने के बाद नामकुम पुलिस ने अभय तिवारी को भी मामले में आरोपी बनाया। ED इससे जुड़े कई तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी पहले भी पुलिस मुख्यालय से मांग चुकी है। अब नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद एजेंसी पुलिस मुख्यालय और CID से केस से जुड़े दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य फिर से मांग सकती है।

पेपर लीक के पीछे संगठित आर्थिक नेटवर्क की तलाश
ED की जांच का एक अहम पहलू यह होगा कि कथित पेपर लीक से जुड़े लोगों के बीच पैसों का लेन-देन कैसे हुआ और उससे किसे लाभ मिला। एजेंसी यह भी जांच सकती है कि क्या पेपर लीक किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था और उसमें बिचौलियों, परीक्षा से जुड़े लोगों या अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की कोई आर्थिक भूमिका थी। इसके लिए बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के साथ CID व पुलिस जांच में सामने आए साक्ष्यों का मिलान किया जा सकता है।
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JPSC-JSSC मामलों में बढ़ेगी जांच की सक्रियता
JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में पहले से ही CID समेत विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं। अब ED की एंट्री के बाद कथित परीक्षा घोटाले के आर्थिक पहलू और पैसों के नेटवर्क की भी पड़ताल होगी। हालांकि, अभी तक ED की जांच से किसी नए आरोपी या अवैध लेन-देन की अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


