जामताड़ा सदर अस्पताल में दो मरीजों की मौत पर विवाद, परिजनों ने इलाज में लापरवाही और एम्बुलेंस नहीं मिलने का लगाया आरोप

Meenu | July 9, 2026 | 11:05 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा : जामताड़ा सदर अस्पताल एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से इलाज के लिए आए दो मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतकों की पहचान फतेहपुर प्रखंड के चापुड़िया निवासी 25 वर्षीय मुन्ना मोहाली और मिहिजाम के चंद्रदीपा निवासी 45 वर्षीय बाबूराम मरांडी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचे, ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलीं। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है।

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परिजनों का आरोप- समय पर इलाज और ऑक्सीजन नहीं मिली

मृतक मुन्ना मोहाली के परिजनों के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें जामताड़ा सदर अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर समय पर मरीज को देखने नहीं पहुंचे और इलाज नर्सों के भरोसे चलता रहा। परिजनों का दावा है कि मरीज को तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं मिहिजाम निवासी बाबूराम मरांडी को 8 जुलाई की रात पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में भी डॉक्टर ने समय पर इलाज नहीं किया और देर रात उनकी मौत हो गई।

एम्बुलेंस और शव वाहन नहीं मिलने का भी आरोप

पीड़ित परिवारों का कहना है कि आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस सेवा पर कई बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर निजी वाहन से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मुन्ना मोहाली की मौत के बाद अस्पताल की ओर से शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ी। मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता झा अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि यदि समय पर समुचित इलाज मिलता तो दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।

डॉक्टर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

ऑन-ड्यूटी चिकित्सक डॉ. ए.पी.एन. देव ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि दोनों मरीजों का नियमानुसार उपचार किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों मरीज पहले से गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे, जिसके कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

दोनों मृतकों के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई करने तथा जामताड़ा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से की है। फिलहाल मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और परिजनों के दावों के बीच विवाद बना हुआ है।

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