जमशेदपुर हिमांशु हत्याकांड: CM हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन, SSP पीयूष पांडेय और SP निधि द्विवेदी हटाए गए

Meenu | July 1, 2026 | 10:38 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार एंड कैफे के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में सरकार ने पूर्वी सिंहभूम के SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। दोनों अधिकारियों को फिलहाल पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराध नियंत्रण में लापरवाही के कारण यह कार्रवाई की गई है। इसे हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में पुलिस प्रशासन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबदेही कार्रवाई माना जा रहा है।

CM हेमंत सोरेन ने क्या कहा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि चाईबासा के आयुक्त और रांची के ADG मनोज कौशिक क्षेत्र में लगातार कैंप करेंगे और रोजाना स्थिति की समीक्षा करेंगे। वहीं, कोल्हान DIG अनुरंजन किस्पोट्टा को जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हिमांशु सिंह हत्याकांड ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव

बिष्टुपुर में पुलिस की मौजूदगी में हुई हिमांशु सिंह की हत्या के बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। करणी सेना, क्षत्रिय महासभा और स्थानीय लोगों ने जमशेदपुर में विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर भी राज्य सरकार की जमकर आलोचना हुई। भारतीय जनता पार्टी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला और इसे प्रशासनिक विफलता बताया। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि विपक्ष के दबाव के बाद ही सरकार को यह कार्रवाई करनी पड़ी।

SIT का गठन, मुख्य आरोपी अब भी फरार

हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। इस मामले में अब तक कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने तीन और युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार

हिमांशु सिंह के परिजनों ने कहा है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिलहाल शव को TMH के शीतगृह में रखा गया है। परिजनों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित

मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे समेत करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, डबल डाउन बार एंड कैफे को भी सील कर दिया गया है। CID के ADG मनोज कौशिक ने घटनास्थल का दौरा कर जांच की और माना कि पुलिस से गंभीर चूक हुई है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की।

सरकार का सख्त संदेश

SSP और SP को हटाने के फैसले को सरकार की ओर से सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जमशेदपुर का यह मामला अब पूरे झारखंड में पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी और जवाबदेही का उदाहरण बन गया है।

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