Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JSSC की परीक्षाओं और JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने सरकार के आदेश पर लगी रोक को फिलहाल बरकरार रखा है। इससे JSSC-CGL के जरिए चयनित होकर सरकारी सेवा में आए नवनियुक्त अफसरों को राहत मिली है। अदालत ने राज्य सरकार को 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की गई है।
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नियुक्ति रद्द करने के फैसले को चुनौती
राज्य सरकार के उस आदेश से प्रभावित नवनियुक्त अफसरों ने अपनी नियुक्ति बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सैकड़ों चयनित अभ्यर्थियों और नवनियुक्त अधिकारियों की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाओं में सरकार द्वारा JSSC की परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई है। प्रार्थियों का पक्ष पूर्व महाधिवक्ता और वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन के अलावा अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, कुमार हर्ष, अमृतांश वत्स, दीपांकर राय, अर्पण मिश्रा और अंकित विशाल ने रखा।

निरोज कुमार खेस समेत कई चयनित अभ्यर्थी पहुंचे कोर्ट
JSSC-CGL के जरिए चयनित अभ्यर्थियों में शामिल निरोज कुमार खेस, रमेश उरांव समेत कई अन्य लोगों ने सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की है। सरकार के आदेश से इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति और सरकारी सेवा में उनकी स्थिति सीधे प्रभावित हो रही है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए गए। अदालत के आदेश के बाद फिलहाल नवनियुक्त अधिकारियों की नियुक्ति पर तत्काल कार्रवाई का खतरा टल गया है।
जांच की रफ्तार पर हाईकोर्ट ने की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की पुलिस जांच की गति को लेकर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि उसे पुलिस पर पूरा भरोसा है, लेकिन शुरुआती जांच के बाद जांच की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। अदालत ने यह भी कहा कि मामले का असर बड़ी संख्या में लोगों के भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में जांच और सरकार के फैसले से जुड़े सभी पहलुओं को गंभीरता से देखना जरूरी है।
17 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 48 घंटे के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब 17 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार के जवाब और जांच की स्थिति पर आगे सुनवाई होगी। फिलहाल सरकार के आदेश पर लगी रोक जारी रहने से JSSC-CGL के जरिए चयनित होकर सरकारी सेवा में आए नवनियुक्त अफसरों को राहत मिली है।

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