हजारीबाग में शिक्षा सुधार को लेकर प्रशासन सख्त, शिक्षक तैनाती में होगा बड़ा बदलाव

Rupa Kumari | May 14, 2026 | 11:21 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूलों के खराब परीक्षा परिणाम के बाद जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। झारखंड अधिविध परिषद (JAC) की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की और कई अहम निर्देश दिए। डीसी ने साफ कहा कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

शिक्षकों की तैनाती में होगा बड़ा बदलाव

बैठक में सबसे बड़ा फोकस शिक्षक तैनाती पर रहा। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ शहरी स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में गंभीर कमी बनी हुई है। डीसी ने निर्देश दिया कि अब छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षकों का रेशनलाइजेशन किया जाएगा। शिक्षा विभाग को तय समय सीमा में इसकी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें: रांची में NCB-CID की हाईलेवल बैठक, झारखंड में नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा

रिजल्ट सुधारने का लक्ष्य

उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अगले शैक्षणिक सत्र में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए। इसके लिए पूरे साल पढ़ाई की निगरानी, नियमित मूल्यांकन और बेहतर शैक्षणिक रणनीति लागू करने पर जोर दिया गया।

आवासीय और बालिका विद्यालयों पर विशेष फोकस

बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सहित अन्य आवासीय स्कूलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने रिक्त पदों को जल्द भरने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारियों को स्कूलों की साफ-सफाई, अनुशासन और पढ़ाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया। कक्षा 1 से 5 तक उन स्कूलों पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया जहां एक ही शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है।

जिले का परीक्षा प्रदर्शन

मैट्रिक परीक्षा 2026 में हजारीबाग जिला राज्य में 14वें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 7वें स्थान पर था। हालांकि पास प्रतिशत में मामूली सुधार हुआ है।

  • मैट्रिक पास प्रतिशत: 94.9%
  • 2025 में: 94.4%
  • कुल परीक्षार्थी: 25,048
  • सफल छात्र: 23,772

इंटरमीडिएट परिणामों में भी जिले का प्रदर्शन मिला-जुला रहा:

  • आर्ट्स: 97.41% (राज्य में 10वां स्थान)
  • कॉमर्स: 96.25% (9वां स्थान)
  • साइंस: 87.99% (6ठा स्थान)

प्रशासन का कहना है कि अब लक्ष्य सिर्फ पास प्रतिशत नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। शिक्षकों की तैनाती में संतुलन बनाकर पूरे सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

Share this news

संबंधित खबरें