25 साल से फरार कुख्यात अपराधी रामदेव उरांव ने किया सरेंडर, पुलिस को मिल सकती हैं अहम जानकारियां

Rupa Kumari | May 30, 2026 | 12:14 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गुमला: करीब ढाई दशक से पुलिस के लिए चुनौती बने कुख्यात अपराधी रामदेव उरांव ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया है। हत्या, अपहरण, रंगदारी, गोलीबारी और आगजनी समेत कई गंभीर मामलों में वांछित रामदेव उरांव के सरेंडर को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रामदेव उरांव लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। वर्षों से वह पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था।

बढ़ते दबाव के बीच लिया आत्मसमर्पण का फैसला

सूत्रों के मुताबिक, लगातार पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव के कारण रामदेव उरांव ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पिछले कुछ समय से उसके नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में उसने आत्मसमर्पण की इच्छा जताई और पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। रामदेव उरांव का नाम लंबे समय से गुमला और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का पर्याय माना जाता रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2002 के आसपास से वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और क्षेत्र में उसका व्यापक प्रभाव था। उसके खिलाफ कई संगीन मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

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पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आत्मसमर्पण के बाद की जाने वाली पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क, सहयोगियों और पुराने मामलों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। इससे कई लंबित मामलों के खुलासे की भी उम्मीद जताई जा रही है। रामदेव उरांव के सरेंडर के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उसके नाम का भय बना हुआ था। अब लोगों को उम्मीद है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी तथा शांति और सुरक्षा का माहौल बेहतर बनेगा।

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