Samachar Post रिपोर्टर, रांची : वर्ष 2018 से गुमला से लापता छह वर्षीय बच्ची की बरामदगी को लेकर दायर हेवियस कॉर्पस याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की पहचान कर उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए आईजी प्रोविजन मयूर पटेल की अध्यक्षता में वन मैन कमेटी गठित की गई है। सरकार ने बताया कि कमेटी ने अपनी जांच पूरी करने के लिए गृह विभाग से 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की है। अदालत ने सरकार से बच्ची की तलाश में हुई जांच और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट भी मांगी है।
मुख्य आरोपी की जांच रिपोर्ट का इंतजार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले के मुख्य आरोपी के गुजरात के गांधीनगर में दो पूरक टेस्ट कराए गए थे। हालांकि, इनकी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसके अलावा मुख्य आरोपी का रिम्स में साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन टेस्ट कराने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए गुमला की सक्षम अदालत से अनुमति प्राप्त कर ली गई है। रिम्स की ओर से जांच की तारीख तय होते ही यह टेस्ट कराया जाएगा।
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2018 से लापता है बच्ची
गुमला से सितंबर 2018 में छह वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद उसकी मां ने झारखंड हाईकोर्ट में हेवियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। बच्ची की बरामदगी और मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा है। मामले की लंबी जांच के बीच अब अदालत का फोकस न केवल बच्ची की तलाश पर है, बल्कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी है। वन मैन कमेटी की रिपोर्ट और सरकार की ओर से पेश की जाने वाली कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट पर अब अगली सुनवाई में नजर रहेगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

