Samachar Post रिपोर्टर, दुमका : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची से संबद्ध तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के बीएससी कृषि के सातवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने दुमका के किसानों के बीच वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल शुरू की है। यह गतिविधि ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता कार्यक्रम के तहत की जा रही है। इसी क्रम में छात्र-छात्राओं दीपशिखा कुमारी, अंशु कुमार, अर्चना एक्का, राखी महतो और नेहा मिंज ने दुमका जिले के मसलिया प्रखंड स्थित गोआसोल गांव में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की।
किसानों के साथ संवाद कर समझीं खेती की पद्धतियां
कार्यक्रम के शुरुआती चरण में छात्रों ने गांव पहुंचकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की ओर से अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों और खेती से जुड़ी स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली। छात्रों ने किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही इन तकनीकों को अपनाने से होने वाले संभावित लाभों के बारे में किसानों से चर्चा की।
ग्रामीण समस्याओं को करीब से समझ रहे छात्र
इस पहल का उद्देश्य छात्रों और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता का माहौल तैयार करना है, ताकि आने वाले दिनों में कार्यक्रम के तहत होने वाली अध्ययनात्मक और प्रायोगिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। गांव में किसानों के साथ बातचीत के दौरान छात्रों को ग्रामीण जीवन, स्थानीय कृषि पद्धतियों और खेती से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को करीब से समझने का अवसर मिला। इससे उन्हें कृषि शिक्षा को जमीनी परिस्थितियों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हो रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम का संचालन श्री विकास कुमार मांझी, प्रधान, श्री द्वारका कुमार मांझी, कृषि विज्ञान केंद्र दुमका एवं सह-प्राचार्य, तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के निर्देशन में किया जा रहा है। वहीं, डॉ. अभिजीत सतपथी, सहायक प्राध्यापक सह कनिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) ने छात्रों को कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।






















