चीन के मेगा डैम पर चिंता, ब्रह्मपुत्र को लेकर भारत के लिए बढ़ सकता है जोखिम

Rupa Kumari | August 27, 2026 | 02:38 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच चीन के तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी की ऊपरी धारा पर बनाए जा रहे मेगा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भारत में चिंता फिर बढ़ गई है। हालांकि, यह कहना कि नेपाल की मौजूदा बाढ़ सीधे तौर पर चीन के इस प्रोजेक्ट से जुड़ी है, अभी तथ्यों से स्थापित नहीं है। चीन ने जुलाई 2025 में यारलुंग त्सांगपो नदी के निचले हिस्से में पांच चरणों वाले बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू किया था। यह नदी आगे भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से बहती है।

1.2 ट्रिलियन युआन का है प्रोजेक्ट

चीन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में पांच कैस्केड हाइड्रोपावर स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.2 ट्रिलियन युआन बताई गई है। चीन का दावा है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा।रॉयटर्स के मुताबिक, परियोजना की संभावित बिजली उत्पादन क्षमता करीब 300 अरब किलोवाट-घंटे सालाना हो सकती है और इसके 2030 के दशक में चालू होने की उम्मीद है।

हिमालयी क्षेत्र में बांध को लेकर उठ रहे सवाल

यह परियोजना हिमालय के भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है। इसी वजह से बांध की सुरक्षा, भूकंप, भूस्खलन और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। भारत और बांग्लादेश ने भी ब्रह्मपुत्र के निचले प्रवाह पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। हालांकि, विशेषज्ञों के बीच यह भी मत है कि परियोजना के कारण ब्रह्मपुत्र के पूरे जलप्रवाह पर कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर आशंकाओं को सावधानी से देखना जरूरी है। ब्रह्मपुत्र के पानी का एक बड़ा हिस्सा हिमालय के दक्षिण में होने वाली मानसूनी बारिश से भी आता है।

चीन ने कहा- डाउनस्ट्रीम इलाकों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा

चीन सरकार का कहना है कि परियोजना से निचले क्षेत्रों में कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। चीनी अधिकारियों ने दावा किया है कि परियोजना के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन का ध्यान रखा जाएगा तथा जलविज्ञान संबंधी जानकारी साझा करने और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग जारी रखा जाएगा।

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भारत भी रख रहा है ब्रह्मपुत्र पर नजर

भारत सरकार ने 2025 में संसद में बताया था कि वह ब्रह्मपुत्र से जुड़े चीन के जलविद्युत प्रोजेक्टों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और निचले इलाकों में भारतीय नागरिकों के जीवन एवं आजीविका की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में चीन का यह मेगा प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में भारत के लिए जल सुरक्षा, पर्यावरण और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहेगा। फिलहाल इसे लेकर सबसे बड़ी चिंता संभावित जोखिमों की है, न कि यह दावा कि परियोजना से नेपाल में आई मौजूदा बाढ़ सीधे तौर पर हुई है।

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