Samachar Post डेस्क, रांची : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आचरण पर सवाल उठाते हुए उसे “शर्मनाक” बताया है। उन्होंने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के व्यवहार पर भी आपत्ति जताई। अय्यर ने ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले मौजूदा चुनाव आयोग को देश का अब तक का सबसे खराब चुनाव आयोग करार दिया।
चुनाव आयुक्तों के असहमति नोट को लेकर उठाए सवाल
मणिशंकर अय्यर ने रविवार को श्रीनगर में कहा कि संधू और विवेक जोशी ने सार्वजनिक रूप से उन 14-15 असहमति नोट का समर्थन नहीं किया, जिन्हें उन्होंने कथित तौर पर तैयार किया था। अय्यर ने इसी आधार पर दोनों चुनाव आयुक्तों के रुख पर सवाल उठाया। यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया के बीच सामने आया था। इस दौरान दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की खबरें सामने आई थीं।
खरगे की चुनाव आयोग भंग करने की मांग से असहमति
हालांकि, मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान से असहमति जताई, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को भंग करने और मतपत्रों के जरिए नए चुनाव कराने की मांग की थी। अय्यर ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था को स्वायत्त बनाने के लिए अलग से वैधानिक कानून की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की तरह संवैधानिक संस्थाएं स्वाभाविक रूप से स्वायत्त होती हैं। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आयुक्तों और जजों की नियुक्तियां अपारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। अय्यर के अनुसार, ऐसी प्रक्रिया से संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है।





















