पश्चिमी सिंहभूम में एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ा, सात महीनों में 74 नए मामले दर्ज

Rupa Kumari | December 1, 2025 | 01:43 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पश्चिमी सिंहभूम : जिले में एचआईवी संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, और हालात अब सामान्य चिंता से आगे बढ़कर स्वास्थ्य संकट का रूप ले रहे हैं। हाल ही में थैलेसीमिया पीड़ित पांच बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना ने जिले की एचआईवी नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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पंजीकृत मरीज और हाल की स्थिति

अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जिले में कुल 560 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें पुरुष 347, महिलाएं 198, थर्ड जेंडर 15, बच्चे 15 चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि अप्रैल 2025 से केवल सात महीनों में 74 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यह वृद्धि बताती है कि संक्रमण की रफ्तार नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और रोकथाम की वर्तमान व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

एआरटी सेंटर में स्टाफ की कमी

जिले का एकमात्र एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (ART) सेंटर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सेंटर को सुचारू संचालन के लिए सात पदों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल चार कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं।

मेडिकल ऑफिसर और तकनीकी स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण,

  • दवाओं का नियमित वितरण
  • मरीजों का फॉलो-अप
  • परामर्श जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित

सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज ने कहा कि दवाएं और टेस्ट किट उपलब्ध हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों तक समय पर सेवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों को नियमित निगरानी और परामर्श की आवश्यकता होती है, और मौजूदा स्थिति संक्रमण नियंत्रण को कमजोर कर रही है। यह स्थिति स्पष्ट संकेत देती है कि जिले में एचआईवी रोकथाम और इलाज के लिए तत्काल सुधार की जरूरत है।

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