जामताड़ा में ‘NGO’ की आड़ में ठगी:वार्ड टीचर बनाने के नाम पर महिलाओं से 36 लाख की लूट, संचालक गिरफ्तार

Meenu | November 5, 2025 | 11:12 AM IST
  • जामताड़ा में नई ठगी का जाल इस बार ‘NGO’ के नाम पर

Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :साइबर अपराधों के लिए कुख्यात जामताड़ा में अब नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के कोर्ट चौक के पीछे एक निजी मकान में चल रहे “लाइफ चाइल्ड एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी” नामक एनजीओ ने आदिवासी और गरीब महिलाओं को निशाना बनाया। संस्था के संचालक धीरज कुमार गुप्ता, जो बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है, पर 117 महिलाओं से लगभग 36 लाख रुपये ठगने का आरोप है।

वार्ड टीचर बनाने का झांसा देकर वसूले हजारों रुपये

आरोपी धीरज ने खुद को एक मान्यता प्राप्त संस्था का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि एनजीओ जिले में 24 शाखाएं संचालित कर रहा है और यहां से “वार्ड टीचर” की नियुक्तियां हो रही हैं। नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से वह विभिन्न शुल्कों के नाम पर मोटी रकम वसूलता था ₹31,000 नियुक्ति शुल्क, ₹300 परीक्षा शुल्क, ₹500 ट्रेनिंग शुल्क। इस तरह महिलाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर उनसे लाखों रुपये वसूले गए।

यह भी पढ़ें :सहायक अधिकारी बनकर ठगों ने उड़ाए रिटायर्ड रेलकर्मी के 22.15 लाख, पुलिस को कार्यालय की मिलीभगत की आशंका

एसडीओ ने छापा मारा, फर्जीवाड़ा हुआ उजागर

शिकायत मिलने के बाद एसडीओ अनंत कुमार ने मौके पर छापेमारी की। जांच में खुलासा हुआ कि यह संस्था उत्तर प्रदेश के देवरिया में पंजीकृत थी, लेकिन झारखंड में काम करने की कोई सरकारी अनुमति नहीं थी। एसडीओ ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए तत्काल कार्यालय को सील करा दिया।

संचालक गिरफ्तार, एफआईआर दर्ज

छापेमारी के बाद एनजीओ संचालक धीरज कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर नगर थाना लाया गया। सीओ जामताड़ा के बयान पर थाना कांड संख्या 127/25 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि यह संगठित ठगी का रैकेट है और इसकी विस्तृत जांच होगी ताकि अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिल सके।

प्रशासन की अपील

किसी भी संस्था या व्यक्ति को पैसे देने से पहले सरकारी अनुमति पत्र या पंजीकरण की जांच करें। सरकारी नौकरी या नियुक्ति के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध संस्था की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।

Share this news

संबंधित खबरें