मिडिल ईस्ट संकट की आड़ में अपनी विफलता छिपा रही मोदी सरकार’ : आलोक दूबे

Rupa Kumari | June 13, 2026 | 11:50 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का हवाला देकर अपनी नीतिगत और प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है। आलोक दूबे ने कहा कि यदि देश की ईंधन आपूर्ति प्रणाली मजबूत और पारदर्शी होती, तो सरकार को इस तरह के प्रतिबंधात्मक कदम उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को भरोसा देने के बजाय भय और असमंजस का माहौल बना रही है।

12 साल बाद भी व्यवस्था मजबूत नहीं

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार लंबे समय से केंद्र की सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद ईंधन आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बनाने में सफल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और मजबूत बताती है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े उपभोक्ताओं और संस्थानों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

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उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ का आरोप

आलोक दूबे ने कहा कि जमाखोरी रोकने के नाम पर उद्योगों और वाणिज्यिक संस्थानों पर अतिरिक्त दबाव डाला जा रहा है। उनके अनुसार सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार ईंधन आपूर्ति और मूल्य निर्धारण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाए, ताकि आम जनता और उद्योग जगत का भरोसा मजबूत हो सके।

दूरदर्शी नीति की जरूरत

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन करती है, लेकिन केवल प्रतिबंध लगाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने सरकार से मजबूत निगरानी तंत्र और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। आलोक दूबे ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को तात्कालिक प्रतिबंधों के बजाय व्यापक और प्रभावी नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

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