Samachar Post रिपोर्टर, दुमका : झारखंड के दुमका में 12 महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों ने गुरुवार को श्रम अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन, झारखंड के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी झाड़ू, कुदाल और धम्मा लेकर कार्यालय पहुंचे। कर्मियों ने परिसर में सांकेतिक श्रमदान कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक अमित मंडल ने किया। इस दौरान पूर्व सांसद सुनील सोरेन और भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेश मंडल भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने बकाया वेतन का भुगतान जल्द करने और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को पिछले 12 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाएं देते रहे हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संबंधित कर्मियों को उनका बकाया भुगतान करने की मांग की।
बैंक खाते में वेतन भुगतान और एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की प्रमुख मांग है कि 12 महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए। इसके अलावा संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें काली सूची में डालने की मांग की गई। कर्मचारियों ने EPF, ESIC और न्यूनतम मजदूरी का लाभ सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सात दिनों का अल्टीमेटम, हड़ताल की चेतावनी
पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन ने बकाया वेतन भुगतान के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर झारखंड में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इसके साथ ही उपायुक्त कार्यालय के सामने अनशन करने की भी बात कही गई है। अब देखना होगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।






















