Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग में उज्ज्वल कुमार की मौत का मामला गरमाने लगा है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गुरुवा नदी में बने कुएं से 22 अक्टूबर को उनका शव बरामद हुआ था। अब मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोमवार को विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मुफस्सिल थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप- आत्महत्या का मामला बनाने का दबाव
मृतक के परिजनों का आरोप है कि शुरुआत से ही उज्ज्वल की मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। मृतक की पत्नी ने दावा किया कि उन पर आत्महत्या का मामला दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने मुफस्सिल थाना प्रभारी पर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने के लिए मोटी रकम लेने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच करेंगे DSP
विधायक और परिजनों ने पुलिस अधीक्षक अमन कुमार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की। एसपी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी पर लगाए गए दुर्व्यवहार और अन्य आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने डीएसपी को जांच का निर्देश दिया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
एसपी अमन कुमार के अनुसार, फिलहाल पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उज्ज्वल कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस को मौत के कारणों का पता लगाने के साथ थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की भी जांच करनी है। फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने से पहले मौत को हत्या या आत्महत्या मानकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।





















