Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान नामकुम निवासी शोभा देवी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में देरी का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महिला की हालत पहले से गंभीर थी और डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया।
प्री-एक्लेम्पसिया से पीड़ित थीं शोभा देवी
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह के अनुसार, शोभा देवी प्री-एक्लेम्पसिया से पीड़ित थीं। गर्भावस्था के दौरान होने वाली यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होते ही डॉ. रश्मि सिंह ने महिला का इलाज शुरू कर दिया था। इसके बाद दो अन्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने भी उनका उपचार किया।

रिम्स रेफर करने का लिया गया था निर्णय
अस्पताल उपाधीक्षक के मुताबिक, महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रिम्स रेफर करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, सदर अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में देरी या चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है।
परिजनों ने मिलने नहीं देने का लगाया आरोप
दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने शोभा देवी के पति और बेटी को उनसे मिलने नहीं दिया। घटना के बाद परिजनों को समझाकर घर भेज दिया गया। फिलहाल, मामले में परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आया है। इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
















