Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची के सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों की जांच के लिए लगाई गई PET Scan मशीन छह महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। मशीन चालू नहीं होने के कारण मरीजों को अब भी जांच के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मशीन शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा जगह की कमी है। करीब छह महीने पहले तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के नेतृत्व में आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से PET Scan मशीन लगाने की पहल की गई थी। हालांकि, अब तक यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाई है। रांची में PET Scan की सुविधा सीमित होने के कारण सरकारी अस्पताल में यह मशीन शुरू होना गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। फिलहाल मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जगह की कमी से अटका मशीन लगाने का काम
सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद के मुताबिक, मशीन लगाने के लिए निर्धारित जगह पर फिलहाल डेंटल काउंसिल का कार्यालय है। सबसे पहले इस कार्यालय को खाली कराया जाएगा। इसके बाद MRD सेक्शन को वहां शिफ्ट किया जाएगा और कमरे का रिनोवेशन कराया जाएगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही PET Scan मशीन लगाने का काम आगे बढ़ सकेगा।

आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत शुरू होगी सुविधा
सदर अस्पताल में PET Scan मशीन आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत लगाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आयुष्मान कार्डधारकों और BPL परिवारों को छोड़कर अन्य मरीजों से CGHS दरों के मुताबिक शुल्क लिया जा सकता है। सिविल सर्जन का कहना है कि यदि सरकार MRI, CT Scan और PET Scan जैसी मशीनें खुद खरीदती है, तो मरीजों को मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल मशीन शुरू होने की प्रक्रिया जगह खाली कराने, MRD सेक्शन की शिफ्टिंग और कमरे के नवीनीकरण पर निर्भर है।
















