Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : मिट्टी की सोंधी खुशबू, पारंपरिक शिल्प और आस्था का अनूठा संगम देखना है, तो जमशेदपुर के काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह दुर्गा पूजा पंडाल की सजावट खास है। यहां करीब 50 हजार मिट्टी के घड़ों से मां दुर्गा के दरबार को सजाया गया है। घड़ों की कलात्मक व्यवस्था पंडाल को विशिष्ट रूप देती है और श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती है। काशीडीह के इस पंडाल की सबसे बड़ी खासियत मिट्टी के घड़ों से की गई सजावट है। हजारों घड़ों को कलात्मक ढंग से सजाकर मां के दरबार को भव्य स्वरूप दिया गया है। यह प्रस्तुति पारंपरिक वस्तुओं के रचनात्मक इस्तेमाल का उदाहरण है। पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को यहां धार्मिक आस्था के साथ भारतीय लोककला की झलक भी देखने को मिलती है।
आधुनिक सजावट के बीच परंपरा की झलक
दुर्गापूजा के दौरान अलग-अलग थीम पर आधारित पंडाल लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। ऐसे में मिट्टी के घड़ों से तैयार यह सजावट पारंपरिक शिल्प को प्रमुखता देती है। यह दिखाती है कि साधारण और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को भी रचनात्मक तरीके से सजाकर आकर्षक रूप दिया जा सकता है।
मिट्टी के घड़ों में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
मिट्टी के घड़े भारतीय जनजीवन का लंबे समय से हिस्सा रहे हैं। पानी रखने और घरेलू जरूरतों में इस्तेमाल होने वाली यह पारंपरिक वस्तु अब कलात्मक सजावट का माध्यम भी बन रही है। काशीडीह के पंडाल में बड़ी संख्या में घड़ों का इस्तेमाल पारंपरिक वस्तुओं को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश को सामने लाता है।
पारंपरिक कारीगरी को भी मिलता है महत्व
मिट्टी के घड़ों से की गई सजावट कुम्हारों और पारंपरिक कारीगरों के हुनर की याद दिलाती है। ऐसे आयोजनों में मिट्टी से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल स्थानीय शिल्प और सांस्कृतिक विरासत पर ध्यान आकर्षित करने का अवसर देता है। हालांकि, सजावट के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन उसके निर्माण, दोबारा इस्तेमाल और बाद में निपटान के तरीके पर भी निर्भर करता है।
आस्था, कला और रचनात्मकता का संगम
दुर्गापूजा धार्मिक आस्था के साथ कला, संस्कृति और सामूहिक भागीदारी का भी उत्सव है। जमशेदपुर के काशीडीह में मिट्टी के घड़ों से सजा यह पंडाल इसी विविधता को दर्शाता है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ श्रद्धालु यहां पारंपरिक सजावट और रचनात्मक शिल्प का अनुभव भी कर सकते हैं। अगर आप दुर्गापूजा के दौरान जमशेदपुर में हैं, तो काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह दुर्गा पूजा पंडाल को अपनी दर्शन सूची में शामिल कर सकते हैं। करीब 50 हजार मिट्टी के घड़ों से तैयार इसकी सजावट इसे इस बार के पूजा आयोजनों में एक खास पहचान देती है।























