Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजधानी रांची के बरियातू स्थित सिनर्जी ग्लोबल हॉस्पिटल में सोमवार को महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मृतका की पहचान काजल के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दवा के कारण महिला के शरीर में संक्रमण फैल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों के बीच महिला की किडनी फेल होने और डायलिसिस के जरिए इलाज किए जाने की जानकारी दी है।
करीब 20 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी महिला
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, काजल को करीब 20 दिन पहले भर्ती कराया गया था। उसकी किडनी फेल हो गई थी, जिसके कारण नियमित रूप से डायलिसिस किया जा रहा था। महिला को आईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा था। प्रबंधन का दावा है कि इलाज के दौरान महिला की स्थिति में सुधार हो रहा था और उसे अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी भी की जा रही थी। हालांकि, सोमवार को उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
दवा के रिएक्शन के बाद दुर्लभ बीमारी की पुष्टि का दावा
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इलाज के दौरान एक दवा से महिला को रिएक्शन हुआ था। इसके बाद की गई जांच में एक दुर्लभ बीमारी की पुष्टि हुई। प्रबंधन के मुताबिक, महिला का इलाज लगातार जारी था। दूसरी ओर, परिजनों ने गलत दवा दिए जाने और इलाज में लापरवाही को महिला की मौत का कारण बताया है। हालांकि, दवा के रिएक्शन, संक्रमण और मौत के बीच संबंध की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच और चिकित्सकीय तथ्यों का सत्यापन जरूरी है।
9 से 10 लाख रुपये खर्च होने की बात, बकाया राशि माफ
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, महिला के इलाज पर करीब 9 से 10 लाख रुपये खर्च हुए थे। प्रबंधन का कहना है कि इलाज की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया था। महिला की मौत के बाद परिजनों के हंगामे के बीच अस्पताल प्रबंधन ने बकाया राशि माफ कर दी। इसके बाद परिजन महिला का शव लेकर अस्पताल से चले गए।
इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच जरूरी
महिला की मौत के बाद परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रबंधन के दावे सामने आए हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर गलत दवा देने या चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में निष्पक्ष जांच, इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सबसे अहम सवाल यह है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसका संबंध इलाज के दौरान हुए दवा के रिएक्शन से था।





















