Samachar Post रिपोर्टर, पटना : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मंगलवार को पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद यह उनका पहला पटना दौरा है। ऐसे में उनका दो दिवसीय बिहार प्रवास संगठन और चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
MLC चुनाव की तैयारियों पर होगी चर्चा
नितिन नवीन के पटना प्रवास के दौरान संगठनात्मक मुद्दों के साथ आगामी विधान परिषद चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, वे एनडीए के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। बैठक में विधान परिषद की सभी 8 सीटों पर चुनावी तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों, वोटों के समीकरण और संगठन की सक्रियता को लेकर मंथन हो सकता है। उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने के साथ चुनावी रणनीति को मजबूत करने पर भी चर्चा की संभावना है।
बांकीपुर के बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे
दो दिवसीय दौरे के दौरान नितिन नवीन बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और पार्टी की सक्रियता बढ़ाने को लेकर चर्चा हो सकती है। कार्यकर्ताओं से सरकार के कामकाज और योजनाओं के असर को लेकर फीडबैक भी लिया जा सकता है। साथ ही आगामी चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों को और धार देने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है।
पटना स्नातक सीट पर भी सियासी नजर
विधान परिषद की पटना स्नातक सीट इस चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जेडीयू ने इस सीट से अपने मौजूदा नेता नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनुज सिंह के समर्थन में पूर्व विधायक अनंत सिंह के उतरने के बाद पटना स्नातक सीट का मुकाबला और चर्चित हो गया है। अनंत सिंह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर अनुज सिंह के समर्थन में मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।
नीरज कुमार बनाम अनुज सिंह मुकाबले पर भी नजर
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने से चुनावी समीकरण पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चर्चा हो रही है। ऐसे में नितिन नवीन के पटना दौरे के दौरान इस सीट की रणनीति पर भी पार्टी नेताओं के साथ चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा बाकी सीटों पर उम्मीदवारों की तैयारी, संगठन की सक्रियता और एनडीए के बीच बेहतर तालमेल को लेकर आगे की रणनीति तय की जा सकती है।






















