Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार, लंबित नियुक्तियों और परीक्षा कैलेंडर की मांग को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। बुधवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र प्रतिनिधियों ने JPSC में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति, रिफॉर्म कमेटी के गठन और नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग उठाई। छात्रों ने कहा कि यदि 7 अक्टूबर तक इन मुद्दों पर ठोस पहल नहीं हुई तो इसके बाद महाजुटान कर आंदोलन किया जाएगा। राज्य सरकार ने अगस्त में JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की जानकारी दी थी। सरकार के अनुसार समिति में आयोगों की कार्यप्रणाली के साथ अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति व सेवा शर्तों से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
JPSC अध्यक्ष और सदस्यों की जल्द नियुक्ति की मांग
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि JPSC में पर्याप्त पदाधिकारी नहीं होने की स्थिति में आगामी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है। उन्होंने सरकार से आयोग के अध्यक्ष और रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की।JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर झारखंड हाईकोर्ट भी सरकार से जवाब मांग चुका है। सितंबर में अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा था।
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग
छात्रों ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं के लिए पहले से स्पष्ट और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा की तारीख, रिजल्ट और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की संभावित समयसीमा पहले से पता होनी चाहिए। छात्र प्रतिनिधियों ने UPSC की परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण देते हुए प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए समयसीमा तय करने की मांग रखी, ताकि अभ्यर्थी व्यवस्थित तरीके से तैयारी कर सकें।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव की भी मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने प्रारंभिक परीक्षा में E विकल्प, निगेटिव मार्किंग, कैटेगरीवार मार्कशीट और कटऑफ जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। मुख्य परीक्षा में शॉर्ट क्वेश्चन को शामिल करने, ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को हटाने और झारखंड से जुड़े विषयों को उचित महत्व देने की मांग भी छात्रों ने रखी। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषाओं के मूल्यांकन और परीक्षा प्रक्रिया में स्थानीय अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखने की बात कही।
JPSC-JSSC सुधार को लेकर पहले भी हुआ आंदोलन
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि वे बार-बार आंदोलन करने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान देना चाहते हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और रिफॉर्म होने पर अभ्यर्थी उसी के अनुसार अपनी तैयारी कर सकेंगे। अगस्त में छात्रों के आंदोलन के दौरान सरकार ने JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए रिफॉर्म कमेटी बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाए जाने की भी जानकारी दी।

7 अक्टूबर तक पहल नहीं हुई तो महाजुटान की चेतावनी
छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार से 7 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, परीक्षा कैलेंडर और रिफॉर्म से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई तो 7 अक्टूबर के बाद छात्रों का महाजुटान किया जाएगा। यह समयसीमा ऐसे समय में सामने आई है जब JPSC-JSSC से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है और 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई निर्धारित है।





















