Samachar Post रिपोर्टर, रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है। इसी कड़ी में रांची स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर आयोजित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। राधाकृष्ण किशोर ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है, तो यह सीधे उसके संवैधानिक मताधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां लोकतांत्रिक तरीके से उठा रही है।
लोकतंत्र और मताधिकार का मुद्दा बताया
वित्त मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित होना जरूरी है। उनके अनुसार, पार्टी का विरोध किसी एक चुनाव या राजनीतिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने से जुड़ा है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज करा रही है, जबकि चुनाव आयोग पहले भी कह चुका है कि विशेष गहन पुनरीक्षण एक निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया है। इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सार्वजनिक और राजनीतिक बहस जारी है।


















