Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड में JPSC और JSSC की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इससे पहले 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था।
मनीष कुमार की ओर से मांगा गया समय
सुनवाई की शुरुआत में मनीष कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए समय मांगा गया। वहीं, हरिशरण देवगन की ओर से अदालत को बताया गया कि उनकी याचिका पर जारी नोटिस के बावजूद अब तक प्रतिवादियों की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है। इन परिस्थितियों में अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 5 अक्टूबर निर्धारित की।

CBI जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में
हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग की है। वहीं, मनीष कुमार ने आपराधिक रिट याचिका दाखिल की है। दोनों मामलों में संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त की सुनवाई में झारखंड सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया था। इस बीच झारखंड हाईकोर्ट में भी JPSC-JSSC से जुड़ी नियुक्तियों और कथित अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग मामलों की सुनवाई जारी है।
हाईकोर्ट में भी जारी है मामले की सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से रद्द की गई कुछ JPSC-JSSC नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट ने सितंबर में CID की जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को ऑब्जर्वर नियुक्त किया था। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को निर्धारित है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर की सुनवाई का इंतजार है, जिसमें CBI जांच की मांग से जुड़े मामले में आगे की सुनवाई होगी।






















