Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : जिले के डुमरी प्रखंड के मझगांव पंचायत अंतर्गत लुचुत पाठ क्षेत्र में कथित अवैध बॉक्साइट खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध तरीके से बॉक्साइट का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे मझगांव पंचायत की मुखिया ज्योति बहेर देवी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों को देखते ही वहां मौजूद लोग कथित तौर पर मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दो ट्रक और एक JCB मशीन को रोक लिया।
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ग्रामीणों और मुखिया ने मौके पर पहुंचकर रोका खनन
बताया गया कि लुचुत पाठ क्षेत्र में रात के अंधेरे में बॉक्साइट उत्खनन का काम चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुखिया ज्योति बहेर देवी ग्रामीणों के साथ खनन स्थल पर पहुंचीं। ग्रामीणों के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोग अपने वाहन छोड़कर वहां से चले गए। इसके बाद ग्रामीणों और मुखिया ने दो ट्रक और एक JCB को मौके पर रोक लिया। मुखिया ज्योति बहेर देवी का आरोप है कि लुचुत पाठ में लंबे समय से अवैध बॉक्साइट खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद खनन जारी रहने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। डुमरी प्रखंड में कथित अवैध खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और खनन टास्क फोर्स की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुखिया ज्योति बहेर देवी ने फोन के माध्यम से गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अवैध बॉक्साइट खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुखिया ने ग्रामीणों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट और जागरूक रहने की अपील भी की।
जंगल और पर्यावरण को नुकसान का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि लुचुत पाठ क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट खनन का यह पहला मामला नहीं है। उनका आरोप है कि निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर भी बॉक्साइट का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे एक ओर जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर जंगल और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। खनन गतिविधियों के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेड़ों की कटाई और प्रदूषण को लेकर ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बॉक्साइट खनन के लिए जंगल और पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा खनन के दौरान उड़ने वाली धूल और प्रदूषण को लेकर भी ग्रामीण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह का खनन लंबे समय तक जारी रहा तो स्थानीय पर्यावरण और लोगों के जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की शिकायतों के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। उनका दावा है कि इसी वजह से अवैध बॉक्साइट खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने, अवैध खनन पर रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
Reporter | Samachar Post