चतरा में 3 किमी सड़क पर गड्ढों का जाल, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर दो बार कराई मरम्मत

Samachar Post रिपोर्टर, चतरा : सदर प्रखंड के लेम्ह पंचायत अंतर्गत मरमदिरी गांव के बढ़ई टोला की करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई हिस्सों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर दो बार चंदा जुटाकर मरम्मत कराई, लेकिन बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण कुछ ही समय बाद सड़क फिर गड्ढों में तब्दील हो गई।

चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने की सड़क की मरम्मत

ग्रामीणों के मुताबिक, लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के कारण गांव के लोगों ने आपस में चंदा जुटाया और मिट्टी, मोरम समेत अन्य सामग्री की मदद से गड्ढों को भरने का प्रयास किया। दो बार अस्थायी मरम्मत के बाद सड़क कुछ समय के लिए चलने लायक हुई, लेकिन बारिश शुरू होते ही स्थिति फिर बिगड़ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थायी समाधान नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार अपने पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

बारिश में सड़क बन जाती है कीचड़ से भरी

बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर कीचड़ फैल जाता है। पानी के कारण कई गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।

मरीजों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी

खराब सड़क का असर गांव के मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। किसी मरीज को इलाज के लिए बाहर ले जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी होती है, जबकि बारिश के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

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ग्रामीणों ने स्थायी सड़क निर्माण की मांग की

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की मरम्मत के बजाय इसका स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने से समस्या दूर नहीं होगी। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क का समुचित निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के मौसम में सड़क दोबारा खराब न हो और गांव के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

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