Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : जिले के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में विद्यालय विकास मद की राशि नहीं मिलने से शिक्षकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राशि उपलब्ध नहीं होने के बाद अब 2026-27 में भी कई स्कूलों को फंड का इंतजार है। बजट के अभाव में स्कूलों के रोजमर्रा के कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं और कुछ जगहों पर उधार लेकर व्यवस्था चलाने की स्थिति सामने आ रही है। विद्यालय विकास मद की राशि से छात्र-शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, स्टेशनरी, साफ-सफाई की सामग्री और दूसरी जरूरी वस्तुओं की खरीद की जाती है। फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण इन सामानों की व्यवस्था करना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है। कई बार स्कूल की तत्काल जरूरत पूरी करने के लिए शिक्षकों को अपने स्तर से खर्च करना पड़ रहा है। कुछ विद्यालयों में दुकानदारों से जरूरी सामग्री उधार लेकर काम चलाने की स्थिति भी बताई गई है।
छोटे-मोटे मरम्मत कार्य भी प्रभावित
विद्यालय विकास राशि का इस्तेमाल छोटे मरम्मत कार्य, रंग-रोगन, साफ-सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं के लिए भी किया जाता है। राशि के अभाव में कई काम टाले जा रहे हैं या वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए उन्हें पूरा किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में रोजाना कई ऐसी जरूरतें आती हैं, जिनके लिए तत्काल भुगतान जरूरी होता है। विकास मद में राशि नहीं रहने से इन छोटे-छोटे खर्चों का प्रबंध करना मुश्किल हो रहा है।
छात्रों के लिए बेहतर माहौल बनाने में परेशानी
शिक्षकों के मुताबिक सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की कोशिश की जाती है। लेकिन जरूरी मद में समय पर राशि नहीं मिलने से स्कूल की बुनियादी व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। फंड उपलब्ध होने पर स्कूलों में जरूरी सामग्री की खरीद और छोटे विकास कार्य नियमित रूप से किए जा सकेंगे।

छात्र संख्या के आधार पर मिलती है राशि
विद्यालय विकास मद की राशि स्कूल में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाती है। प्रावधान के अनुसार:
- 30 विद्यार्थियों तक: ₹10,000
- 31 से 100 विद्यार्थी: ₹25,000
- 101 से 250 विद्यार्थी: ₹50,000
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2026-27 के लिए राशि स्वीकृत होने की सूचना
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कौशल किशोर ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विद्यालय विकास मद की राशि स्वीकृत नहीं हुई थी। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राशि स्वीकृत किए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही हजारीबाग जिले को राशि आवंटित कर दी जाएगी। फंड मिलने के बाद विद्यालयों में विकास और दैनिक जरूरतों से जुड़े काम फिर से सुचारु रूप से किए जा सकेंगे। फिलहाल शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की नजर राशि के वास्तविक आवंटन और भुगतान पर है, ताकि उधार या निजी खर्च के सहारे चल रही व्यवस्थाओं से राहत मिल सके।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

