Samachar Post रिपोर्टर,रांची : रांची सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों और अस्पताल आने वाले लोगों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब सामान्य स्थिति में एक भर्ती मरीज के साथ सिर्फ एक अटेंडेंट को रहने की अनुमति होगी। किसी विशेष चिकित्सकीय आवश्यकता की स्थिति में अतिरिक्त अटेंडेंट की अनुमति संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से लेनी होगी। अस्पताल प्रबंधन ने यह फैसला मरीजों के इलाज के दौरान होने वाली भीड़ और चिकित्सीय सेवाओं में व्यवधान को रोकने के उद्देश्य से लिया है। हाल में छात्र आंदोलन के दौरान अस्पताल परिसर में आंदोलनकारियों, समर्थकों और पुलिस बल की भीड़ जुटने से मरीजों की आवाजाही और चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद सिविल सर्जन की ओर से व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
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निर्धारित समय में ही मरीज से मिल सकेंगे परिजन
नए निर्देश के मुताबिक भर्ती मरीज के अन्य परिजन, मित्र और समर्थक निर्धारित विजिटिंग एरिया या वेटिंग एरिया में ही रहेंगे। मरीज से मिलने के लिए अस्पताल द्वारा तय विजिटिंग आवर्स का पालन करना अनिवार्य होगा। अस्पताल प्रबंधन को विजिटिंग आवर्स को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।

आईसीयू और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित
अस्पताल के आईसीयू, एचडीयू, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, एसएनसीयू/एनआईसीयू, प्रोसीजर रूम और नर्सिंग स्टेशन जैसे प्रतिबंधित चिकित्सा क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी मरीज से मिलने या उसके समर्थन में आने वाले लोगों की बड़ी संख्या को वार्ड, गलियारे, क्लीनिकल क्षेत्र या उपचार स्थल पर जमा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इलाज और आपातकालीन सेवाओं में व्यवधान रोकना उद्देश्य
अस्पताल में मरीजों के साथ बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद रहने से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के काम में बाधा आने के साथ आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। नए नियमों का उद्देश्य अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना और मरीजों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। विशेष परिस्थिति में अतिरिक्त अटेंडेंट की जरूरत होने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

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