हातु बाई ठाव का बोर्ड और सरना झंडा हटाने पर आदिवासी समाज में आक्रोश, आवास बोर्ड मुख्यालय का घेराव

Rupa Kumari | August 25, 2026 | 01:41 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : हातु बाई ठाव का बोर्ड और सरना झंडा हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों ने झारखंड राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के धार्मिक स्थल से जुड़े बोर्ड और सरना झंडे को हटाया गया, जिससे समाज की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं को ठेस पहुंची है।

प्रदर्शन के बाद बोर्ड और झंडा लौटाया गया

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, हातु बाई ठाव आदिवासी समाज का धार्मिक स्थल है। उनका आरोप है कि आवास बोर्ड परिसर से इसका बोर्ड और सरना झंडा हटाकर कार्यालय परिसर में रख दिया गया था। आदिवासी समाज के विरोध के बाद आवास बोर्ड प्रबंधन ने हटाए गए बोर्ड और सरना झंडे को वापस कर दिया। इसके बाद समाज के लोगों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दोनों को दोबारा स्थापित किया।

वर्षों से होते रहे हैं धार्मिक आयोजन

समाज के लोगों ने बताया कि इलाके में लंबे समय से आदिवासी परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हरमू हाउसिंग बोर्ड के निर्माण के लिए आदिवासी समाज की जमीन भी ली गई थी, इसलिए धार्मिक स्थल की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका कहना है कि हातु बाई ठाव सार्वजनिक धार्मिक आस्था का स्थान है, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे स्थान पर लगे बोर्ड और सरना झंडे को बिना सूचना हटाना समाज की भावनाओं के साथ हस्तक्षेप है।

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शांतिपूर्ण तरीके से हुआ प्रदर्शन

आवास बोर्ड मुख्यालय के घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें रखीं और धार्मिक स्थल से जुड़े प्रतीकों के सम्मान की मांग की। बोर्ड प्रबंधन द्वारा बोर्ड और झंडा वापस किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें दोबारा स्थापित किया। आदिवासी समाज ने भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को सूचना देने और धार्मिक स्थल की परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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