जामताड़ा के SS हॉस्पिटल में 20 वर्षीय प्रसूता की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर सड़क जाम की

Meenu | August 25, 2026 | 02:17 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा : जामताड़ा थाना क्षेत्र के कटंकी गांव के पास स्थित एसएस हॉस्पिटल में 20 वर्षीय प्रसूता की मौत के बाद मंगलवार को हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और शव को जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग पर उदलबनी के पास रखकर सड़क जाम कर दिया। मृतका की पहचान जामताड़ा थाना क्षेत्र के भंडारो गांव निवासी सुनीता मरांडी (20), पति मुकेश हांसदा के रूप में हुई है।

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21 अगस्त को सीजर से हुआ था प्रसव

परिजनों के मुताबिक, सुनीता को प्रसव के लिए 21 अगस्त को एसएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए उसने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की कथित लापरवाही से शरीर की कोई मुख्य नस कट गई, जिसके बाद सुनीता की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद लगातार उसकी हालत खराब होती गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बेहतर इलाज की मांग की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

धनबाद रेफर करने के बाद इलाज के दौरान मौत

परिजनों ने आरोप लगाया कि 22 अगस्त की रात अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस बुलाकर सुनीता को धनबाद रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे धनबाद के जेपी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सुनीता का रक्तचाप काफी बढ़ गया था और लिवर व किडनी में गंभीर समस्या हो चुकी थी। इलाज के दौरान 24 अगस्त की रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद सड़क जाम

मंगलवार को परिजन सुनीता का शव लेकर एसएस हॉस्पिटल पहुंचे। वहां अस्पताल प्रबंधन के लोगों के मौजूद नहीं होने और परिसर में ताला लगा मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इसके बाद लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। बाद में शव को जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग पर उदलबनी के पास रखकर सड़क जाम कर दिया गया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग

आक्रोशित परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई तथा मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तथा चिकित्सकीय जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

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