Samachar Post डेस्क, रांची : असम में बाढ़ से प्रभावित सड़क कनेक्टिविटी को जल्द बहाल करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के बीच चर्चा हुई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। बैठक में बाढ़ से क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्गों की तत्काल मरम्मत और राज्य में बाढ़रोधी सड़क ढांचा विकसित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हाल की बाढ़ से खराब हुए राष्ट्रीय राजमार्गों की जल्द मरम्मत कराने की मांग रखी। साथ ही भविष्य में बाढ़ और खराब मौसम के कारण सड़क संपर्क प्रभावित न हो, इसके लिए सड़क, पुल और पुलिया के निर्माण में वैज्ञानिक और तथ्य आधारित योजना अपनाने पर जोर दिया।
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जोरबाट में फ्लैश फ्लड का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान जोरबाट में बार-बार आने वाली अचानक बाढ़ का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सड़क और राजमार्ग ढांचे के व्यापक पुनर्गठन की जरूरत बताई। उन्होंने बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए मौजूदा ढांचे की समीक्षा और जरूरी बदलाव करने की मांग की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मामले में राज्य को गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है।

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड पर चर्चा
बैठक में असम की प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति तेज करने पर भी चर्चा हुई। इनमें काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग के कई महत्वपूर्ण हिस्सों के उन्नयन की जरूरत पर भी विचार किया गया। सरकार का जोर ऐसी सड़क व्यवस्था तैयार करने पर है, जो बाढ़ और अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी यातायात को सुचारु बनाए रखने में सक्षम हो।
बाढ़रोधी सड़क ढांचे पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में बार-बार आने वाली बाढ़ को देखते हुए सड़क परियोजनाओं की योजना सामान्य परिस्थितियों के बजाय स्थानीय भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने में केंद्र के सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया।

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