जामताड़ा में कैंसर से जूझ रहे दुर्योधन को इलाज के लिए 3 लाख की जरूरत, परिवार ने मांगी मदद

Meenu | August 16, 2026 | 01:44 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा : जामताड़ा प्रखंड की बरजोरा पंचायत के बरजोरा गांव निवासी 33 वर्षीय दुर्योधन मंडल गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, उन्हें रेक्टम कैंसर है और इलाज के लिए करीब 3 लाख रुपये की जरूरत है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के सामने इलाज जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। दुर्योधन की पत्नी करिश्मा देवी और उनका 10 वर्षीय बेटा सरकार और जिला प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।

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फरवरी में शुरू हुई थी परेशानी

दुर्योधन के अनुसार, फरवरी 2026 में उन्हें शौच के दौरान परेशानी शुरू हुई। स्थानीय स्तर पर जांच के बाद ट्यूमर की जानकारी मिली। समस्या बढ़ने पर उन्होंने एम्स देवघर में जांच कराई, जहां परिवार के मुताबिक कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद इलाज के लिए वह कोलकाता गए। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और करीब 3 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। परिवार का कहना है कि अब तक दुर्योधन कर्ज लेकर करीब 2 लाख रुपये इलाज पर खर्च कर चुके हैं।

30 में से 24 रेडिएशन पूरे

फिलहाल दुर्योधन का रेडिएशन उपचार चल रहा है। परिवार के मुताबिक, निर्धारित 30 रेडिएशन में से 24 पूरे हो चुके हैं। परिवार को आयुष्मान भारत योजना के तहत रेडिएशन की सुविधा मिल रही है, लेकिन ऑपरेशन और अन्य दवाओं का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का दावा है कि डॉक्टरों ने इलाज में देरी नहीं करने की सलाह दी है। दुर्योधन की स्थिति और इलाज की समय-सीमा को लेकर चिकित्सकीय दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। इलाज से पहले दुर्योधन एक मिठाई की दुकान में काम करते थे और करीब 9 हजार रुपये प्रतिमाह कमाते थे। पिछले करीब पांच महीने से बीमारी और इलाज के खर्च के कारण वह काम नहीं कर पा रहे हैं। अब परिवार की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है।

छह सदस्यों के परिवार पर आर्थिक संकट

दुर्योधन के परिवार में उनकी पत्नी, 10 वर्षीय बेटा, विधवा बहन और उसके दो छोटे बच्चे भी रहते हैं। परिवार के मुताबिक, सरकारी राशन से मिलने वाला 14 किलो चावल पूरे महीने के लिए पर्याप्त नहीं है। परिवार का कहना है कि घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। फिलहाल परिवार कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। दुर्योधन की पत्नी करिश्मा देवी का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च के साथ पति के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए संभव नहीं रह गया है।

सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद की अपील

दुर्योधन और उनके परिवार ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और समाज के सक्षम लोगों से इलाज के लिए मदद की अपील की है। उनका कहना है कि यदि ऑपरेशन और इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिलती है, तो दुर्योधन अपना इलाज पूरा कर दोबारा काम शुरू करना चाहते हैं। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी स्थिति का संज्ञान लेकर उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सहायता के माध्यम से इलाज में मदद करेगा।

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