14वीं JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, हजारीबाग के दो सगे भाई हिरासत में

Meenu | August 4, 2026 | 10:28 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 18 ठिकानों पर छापेमारी की है। रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक चली इस कार्रवाई में रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग और धनबाद समेत कई जिलों में पूर्व जेपीएससी सदस्य सानंद प्रकाश और कथित तौर पर अभय तिवारी सिंडिकेट से जुड़े लोगों के ठिकानों की तलाशी ली गई। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक पासबुक, चेकबुक, अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और अंकपत्र जब्त किए हैं। वहीं हजारीबाग से अभय तिवारी के करीबी बताए जा रहे प्रदीप यादव और लालू यादव, जो सगे भाई हैं, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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रांची और बोकारो में कई ठिकानों की तलाशी

रांची में सीआईडी की टीम ने अभय तिवारी के पूर्व सहयोगी आदित्य पांडेय के नामकुम स्थित आवास पर छापेमारी की। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आदित्य की बहन ने भी 14वीं JPSC परीक्षा उत्तीर्ण की है। सीआईडी ने उनसे ओएमआर शीट उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन वह इसे प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके अलावा धुर्वा सेक्टर-2 स्थित शिक्षक पंकज के घर की भी तलाशी ली गई। वहीं बोकारो सेक्टर-3 में पूर्व जेपीएससी सदस्य सानंद प्रकाश के सरकारी आवास की भी गहन जांच की गई। अभय तिवारी के भाई अक्षय से भी ओएमआर शीट मांगी गई, लेकिन वह भी इसे उपलब्ध नहीं करा सके।

कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी जांच के दायरे में

सीआईडी ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले एक कोचिंग संस्थान में भी छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को संकेत मिले हैं कि कुछ कोचिंग संस्थानों के माध्यम से अभय तिवारी कथित तौर पर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देता था और इसके बदले मोटी रकम वसूल की जाती थी। इसी आधार पर अब जांच एजेंसी कोचिंग सेंटरों की संभावित भूमिका और उनके नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है।

विभिन्न भर्ती एजेंसियों से मांगे गए रिकॉर्ड

जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईडी ने परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर और बाद में सीजीएल के माध्यम से चयनित अभय तिवारी से जुड़े सभी भर्ती रिकॉर्ड राज्य और केंद्र की विभिन्न परीक्षा एजेंसियों से मांगे हैं। इनमें आवेदन पत्र, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया का विवरण और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इन रिकॉर्ड के आधार पर यह जांच की जाएगी कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष थी या नहीं।

कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर चुका है अभय तिवारी

सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि अभय तिवारी ने वर्ष 2013 में भारतीय नौसेना (नेवी) की लिखित परीक्षा, 2014 में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), एनसीएल और आईआरबी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, 2018 में दारोगा भर्ती परीक्षा के अलावा जेएसएससी की पीजीटी शिक्षक और सीजीएल परीक्षा भी पास की थी। इसके अलावा उसने JPSC की एसीएफ (ACF), एफआरओ (FRO), एफएसओ (FSO) तथा 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की थीं। अब इन सभी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी सीआईडी की जांच के दायरे में शामिल कर लिए गए हैं।

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