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जामताड़ा सदर अस्पताल में वेतन भुगतान पर सवाल, आउटसोर्सिंग कर्मियों ने लगाया मानदेय में कटौती का आरोप

Rupa Kumari | July 31, 2026 | 11:30 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा सदर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें स्वीकृत मानदेय की तुलना में काफी कम राशि का भुगतान किया गया है। सरकारी कोषागार से जारी वाउचर और कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा राशि के बीच अंतर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

स्वीकृत मानदेय और भुगतान राशि में अंतर का दावा

जानकारी के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों में विभिन्न श्रेणियों के कर्मियों के लिए ₹22,689 से लेकर ₹31,324 तक मासिक मानदेय स्वीकृत बताया गया है। वहीं कई कर्मचारियों का आरोप है कि उनके खातों में करीब ₹13,032 की राशि ही जमा की गई है। इस कथित अंतर को लेकर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के बीच नाराजगी और असंतोष का माहौल है।

14.10 करोड़ रुपये का हुआ था आवंटन

सूत्रों के मुताबिक, 3 जुलाई को सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए लगभग ₹14.10 करोड़ का आवंटन जारी किया गया था। यह राशि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के लिए निर्धारित की गई थी। निर्देश के अनुसार मानवबल उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और अन्य सेवा प्रदाताओं को बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर भुगतान किया जाना था।

श्रम विभाग की न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान का आरोप

कर्मियों का दावा है कि कुछ मामलों में भुगतान की गई राशि श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स, तकनीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर कीपर, सुरक्षा गार्ड तथा अन्य कर्मियों के लिए अलग-अलग मानदेय निर्धारित होने के बावजूद भुगतान में एकरूपता दिखाई गई है, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

श्रम विभाग ने जांच के संकेत दिए

मामले पर श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्र ने कहा कि संबंधित एजेंसी द्वारा नियमित रिटर्न और कर्मचारियों का अद्यतन विवरण विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने बताया कि यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस बीच स्वास्थ्य विभाग के लिए सेवाएं उपलब्ध करा रही आउटसोर्सिंग एजेंसी का अनुबंध 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है। नई एजेंसी के चयन अथवा आगे की व्यवस्था को लेकर अभी तक स्पष्ट निर्देश जारी नहीं होने से कर्मियों के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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भुगतान का होगा मिलान, गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आवंटित राशि, जारी वाउचर और कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी गई रकम का मिलान किया जाएगा। जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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