Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर : डिमना डैम के प्रतिबंधित तालाब में एमजीएम अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टर डॉ. सक्षम सिंह और डॉ. समीर लाल की डूबने से हुई मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। दोनों डॉक्टरों के परिजनों ने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवारों ने बोड़ाम थाना पहुंचकर हत्या का मामला दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है।
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डॉ. यश कुमार की भूमिका पर उठे सवाल
पलामू के तरहसी निवासी डॉ. सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह ने घटना के समय मौजूद डॉ. यश कुमार की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना को लेकर डॉ. यश ने अलग-अलग बयान दिए हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह पैदा हो गया है। परिजनों के अनुसार, पहले डॉ. यश ने बताया था कि सक्षम का मोबाइल फोन पानी में गिर गया था और उसे निकालने के दौरान हादसा हुआ। लेकिन जब सक्षम का शव बरामद हुआ तो मोबाइल उसकी जेब में मिला। इसके बाद डॉ. यश ने कथित तौर पर अपना बयान बदलते हुए कहा कि पहले सक्षम पानी में उतरा, फिर उसे बचाने के लिए समीर और बाद में वह स्वयं पानी में गया।
शरीर पर मिले निशानों को लेकर भी सवाल
डॉ. सक्षम सिंह के परिजनों का दावा है कि शव मिलने के बाद उनके मुंह, नाक और कान से खून निकल रहा था। परिवार का कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं डॉ. समीर लाल के परिजनों का कहना है कि वह अच्छे तैराक थे, इसलिए उनके डूबने की घटना पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पहले डॉ. यश और दोनों मृतक डॉक्टरों के बीच विवाद हो चुका था। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बोड़ाम थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस फिलहाल डॉ. यश कुमार से पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना की परिस्थितियां और स्पष्ट हो सकेंगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे डॉ. सक्षम सिंह, डॉ. समीर लाल और डॉ. यश कुमार डिमना डैम पहुंचे थे। इसी दौरान सक्षम और समीर डैम में डूब गए, जबकि डॉ. यश सुरक्षित बाहर निकल आए। करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।
पोस्टमार्टम हाउस में भावुक हुए परिजन
शनिवार को एमजीएम अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में दोनों डॉक्टरों के परिजन पहुंचे। डॉ. समीर लाल के पिता अजय लाल बेटे का चेहरा देखकर भावुक हो गए, जबकि डॉ. सक्षम सिंह के परिवार का भी रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों के जूनियर और सीनियर डॉक्टर साथियों ने भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शुरुआत में समीर लाल के पिता पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे, जिससे कुछ समय के लिए प्रक्रिया रुकी रही। बाद में पुलिस और प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद दोनों डॉक्टरों के शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए गए।

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