पलामू में मातृत्व अवकाश पर रिश्वत का आरोप: 50 हजार रुपये नहीं देने पर छुट्टी नहीं मिली, प्रसव के दौरान गर्भ में शिशु की मौत

Meenu | July 26, 2026 | 11:12 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,पलामू : झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। एक महिला शिक्षिका के प्रसव के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर मातृत्व अवकाश नहीं मिलने के कारण शिक्षिका की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिवार का दावा है कि अवकाश स्वीकृत करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी। हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।

यह भी पढ़ें : मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा! सरकारी कर्मचारियों की पत्नियां उठा रही थीं लाभ, वसूली की प्रक्रिया शुरू

10 दिनों तक अवकाश के लिए लगाती रहीं कार्यालय के चक्कर

जानकारी के अनुसार, शिक्षिका भारती पांडेय तरहसी प्रखंड के सिलदिलीया प्लस टू हाई स्कूल में पदस्थापित हैं और वर्तमान में चैनपुर के कस्तूरबा विद्यालय में प्रतिनियुक्त थीं। प्रसव के लिए उन्होंने मातृत्व अवकाश का आवेदन दिया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों तक उन्हें अवकाश स्वीकृत कराने के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। महिला शिक्षिका के पति मुकेश कुमार तिवारी, जो हजारीबाग जिला पुलिस बल में कार्यरत हैं, का आरोप है कि डीईओ कार्यालय के लिपिक अरुण गिरी और ईश्वर दयाल राम ने अवकाश स्वीकृत करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। उनका कहना है कि कई बार डीईओ से गुहार लगाई गई, शिक्षक नेताओं ने भी मामला उठाया और पांच दिन पहले पलामू उपायुक्त से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

घटना के बाद व्हाट्सएप पर भेजा गया अवकाश आदेश

परिजनों का आरोप है कि समय पर प्रसूति अवकाश नहीं मिलने से शिक्षिका की हालत लगातार बिगड़ती गई और प्रसव के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। उनका यह भी दावा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में मातृत्व अवकाश स्वीकृत कर उसका आदेश व्हाट्सएप पर भेज दिया। फिलहाल महिला शिक्षिका का इलाज मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी

मुकेश कुमार तिवारी ने कहा है कि वह डीईओ संदीप कुमार और दोनों लिपिकों के खिलाफ शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

डीईओ ने आरोपों को बताया निराधार

इस मामले में पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पहले कोई जानकारी नहीं थी और संबंधित शिक्षिका का मातृत्व अवकाश स्वीकृत कर दिया गया है। फिलहाल मामले में रिश्वत मांगने और अवकाश में देरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं तथा मामले की आगे की जांच का इंतजार है।

Share this news

संबंधित खबरें