रांची: छात्रों की चिंता है तो कांग्रेस झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले, सिर्फ राजनीति न करे – रघुवर दास

Meenu | July 25, 2026 | 01:42 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केंद्र सरकार को NEET के मुद्दे पर घेर रहा है, लेकिन झारखंड में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आए कथित घोटालों पर चुप्पी साधे हुए है। प्रेस वार्ता के दौरान रघुवर दास ने कहा कि यदि कांग्रेस और उसके नेता वास्तव में छात्रों और युवाओं की चिंता करते हैं, तो उन्हें झारखंड सरकार के खिलाफ ठोस कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय छात्रों के हित में निर्णय ले।

यह भी पढ़ें : 29 जुलाई के बाद नहीं मिलेगा मौका! झारखंड में SIR की अंतिम तारीख नजदीक, 5 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची

“सरकार से समर्थन वापस ले कांग्रेस”

पूर्व मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि अगर उन्हें छात्रों की वास्तविक चिंता है, तो कांग्रेस को उस झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए, जो कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।

JPSC और भर्ती परीक्षाओं पर उठाए सवाल

रघुवर दास ने दावा किया कि झारखंड में अब तक 10 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं, जिससे राज्य की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा के लिए परीक्षा एजेंसी के चयन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिस कंपनी को पहले JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी को JPSC परीक्षा कराने की जिम्मेदारी कैसे दी गई। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय कार्यकर्ता भर्ती परीक्षा में परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड लिंक जारी होने और संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में कथित रूप से सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने का भी मुद्दा उठाया।

CBI जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

रघुवर दास ने कहा कि भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा लगातार छात्रों के मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। उनके अनुसार, झारखंड के छात्रों को भी निष्पक्ष जांच और न्याय मिलना चाहिए।

Share this news

संबंधित खबरें