Samachar Post रिपोर्टर, पटना : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों के विधायकों ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कार्यवाही शुरू होने के महज आठ मिनट बाद ही सदन को स्थगित कर दिया। इस दौरान सदन के भीतर विपक्षी विधायकों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई।
“भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ” के नारे
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान “भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ” जैसे नारे लगाए गए। विपक्ष का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
विधानसभा परिसर में भी किया प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर के पोर्टिको में भी प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायक हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। विपक्षी नेताओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका कहना था कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए। विधायकों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी दिखाई दिए, जिनमें पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े संदेश लिखे थे।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
विपक्ष ने पटना में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर यह सत्र आयोजित हो रहा है। इसी बीच विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी विधानसभा पहुंचे, लेकिन सदन के भीतर और बाहर जारी विरोध के कारण पूरे परिसर में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।
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हंगामे के बीच स्थगित हुई कार्यवाही
लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही चलाने में कठिनाई हुई। स्थिति सामान्य नहीं होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर क्या रुख सामने आता है और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल पाती है या नहीं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

