चतरा में जर्जर आंगनबाड़ी भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, बरसात में बढ़ा हादसे का खतरा

Rupa Kumari | July 17, 2026 | 11:30 AM IST
  • 19 साल पुराने भवन की छत से झड़ रहा प्लास्टर, डेढ़ साल से खराब पड़ा चापाकल; ग्रामीणों ने नए भवन और पेयजल व्यवस्था की मांग उठाई

Samachar Post रिपोर्टर, चतरा : जिले के हंटरगंज प्रखंड की डुमरी पंचायत स्थित देवरिया आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष 2007 में निर्मित यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद करीब 30 बच्चे प्रतिदिन यहां शिक्षा और पोषण आहार के लिए पहुंच रहे हैं। भवन की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कर्मियों ने चिंता जताई है।

छत से झड़ रहा प्लास्टर, बरसात में टपक रहा पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार आंगनबाड़ी भवन की छत का प्लास्टर लगातार टूटकर गिर रहा है। कई हिस्सों में दीवारें और छत कमजोर हो चुकी हैं। बरसात के दौरान छत से पानी टपकने के कारण बच्चों और कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की स्थिति ऐसी हो गई है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा कारणों से कई बार बच्चों को कमरों के बजाय बरामदे में बैठाकर गतिविधियां संचालित करनी पड़ती हैं।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों का आरोप है कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग को दी गई, लेकिन अब तक न तो मरम्मत का कार्य शुरू हुआ और न ही नए भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल की गई है। आंगनबाड़ी सेविका सबरी देवी ने बताया कि भवन की स्थिति और अन्य समस्याओं से विभागीय अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया है।

पेयजल संकट से भी जूझ रहा केंद्र

भवन की समस्या के साथ-साथ केंद्र में पेयजल की भी गंभीर कमी है। केंद्र परिसर में लगा चापाकल करीब डेढ़ वर्ष से खराब पड़ा है। इसके कारण बच्चों और कर्मियों को पीने का पानी आसपास के घरों से लाना पड़ता है। मध्यान्ह भोजन और अन्य कार्यों के लिए भी पानी की व्यवस्था बाहर से करनी पड़ती है, जिससे केंद्र के संचालन में कठिनाइयां बढ़ गई हैं।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

सहायिका फुलवा देवी ने बताया कि रोजाना पानी लाने की समस्या के अलावा जर्जर भवन के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। उनका कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में केंद्र का संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि देवरिया आंगनबाड़ी केंद्र के लिए शीघ्र नया भवन स्वीकृत किया जाए। साथ ही खराब चापाकल की मरम्मत या वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भवन की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की भी मांग की है।

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आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनहित में आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाएं मिल सकें।

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