झारखंड में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट

Rupa Kumari | July 14, 2026 | 10:14 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में मंगलवार को गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिणी, मध्य और पूर्वी झारखंड के जिलों में मौसम का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही खुले स्थानों में रहने और बिजली गिरने के खतरे वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, बोकारो, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा समेत करीब 10 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की भी संभावना है। तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी

पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार और मणिपुर के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदला है। इसी प्रणाली के कारण राज्य में व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट संभव

लगातार बारिश के कारण आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। रांची, नेतरहाट, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है और उमस बनी रह सकती है।

जलभराव और वज्रपात को लेकर सतर्कता

रांची और कोल्हान प्रमंडल के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हाल के मौसम आंकड़ों के अनुसार रामगढ़ में 8 मिमी और लोहरदगा में 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 12 जुलाई तक झारखंड में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है, हालांकि वर्तमान मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

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लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगोंझारखंड में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। वज्रपात की आशंका होने पर सुरक्षित भवनों या आश्रय स्थलों में रहें तथा मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।

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