Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचलाधिकारी (CO) के पदस्थापन को लेकर नया संकल्प जारी किया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। राज्य प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के मूल कैडर अधिकारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार राज्य के 164 प्रखंडों और अंचलों में ही बीडीओ और सीओ दोनों पदों पर अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा 54 प्रखंडों में केवल बीडीओ तथा 53 अंचलों में केवल अंचलाधिकारी की पदस्थापना होगी।
एक अधिकारी संभालेंगे दोहरी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत जिन क्षेत्रों में केवल बीडीओ या केवल सीओ की नियुक्ति होगी, वहां संबंधित अधिकारी दोनों पदों की जिम्मेदारियां निभाएंगे। यानी बीडीओ अपने क्षेत्र में अंचलाधिकारी का कार्य भी करेंगे, जबकि सीओ प्रखंड विकास पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। सरकार का मानना है कि इससे उपलब्ध अधिकारियों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।

प्रोन्नति पर पड़ रहा असर
सरकार के इस निर्णय को लेकर झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच चिंता भी जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मूल कैडर में अधिकारियों की कमी के कारण उन्हें उपसमाहर्ता (SDM) स्तर पर समय पर प्रोन्नति नहीं मिल पा रही है। मूल कैडर के कई अधिकारी लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन रिक्तियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण उन्हें वर्तमान पदों पर ही बनाए रखा जा रहा है।
यह भी पढ़ें: जामताड़ा DC का बड़ा एक्शन: नारायणपुर CO का वेतन रोका, समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश
सरकार का कहना है कि उपलब्ध मानव संसाधन के अनुसार प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। आने वाले समय में अधिकारियों की संख्या बढ़ने पर पदस्थापन व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जा सकती है।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

