Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार विभिन्न जिलों में स्मॉल, मिनी और माइक्रो हाइड्रो (जल विद्युत) पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के 16 स्थानों पर हाइडल पावर प्लांट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है।
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16 स्थानों पर विकसित होंगी जल विद्युत परियोजनाएं
प्रारंभिक आकलन के आधार पर राज्य की नदियों और नहरों के किनारे 16 संभावित स्थानों की पहचान की गई है। ये परियोजनाएं रांची, सिमडेगा, गुमला, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में स्थापित की जाएंगी। प्रमुख प्रस्तावित स्थानों में शामिल हैं रांची का तोरपा, दशम फॉल, जोन्हा फॉल, अड़की, सीता फॉल और हुंडरू फॉल, सिमडेगा का ठेठईटांगर, कुरडेग और कोलेबिरा, गुमला का रायडीह और बसिया, लातेहार का सुगाबांध, पश्चिमी सिंहभूम का मनोहरपुर। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ेगा और दूरदराज के क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।

PPP मॉडल पर तैयार होंगे प्रोजेक्ट
इन जल विद्युत परियोजनाओं का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत BOOT प्रणाली पर किया जाएगा। परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है पहले चरण में योग्य डेवलपर्स का चयन किया जाएगा और तकनीकी एवं व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा। दूसरे चरण में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत परियोजनाओं का आवंटन किया जाएगा और बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। अंतिम चरण में परियोजना स्थलों का विकास, निर्माण कार्य और बिजली उत्पादन की शुरुआत की जाएगी।
हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य इन जल विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना, बिजली आपूर्ति को मजबूत करना और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करना है। परियोजनाएं शुरू होने के बाद स्थानीय विकास और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

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