Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड बिजली बोर्ड से जुड़े 109 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी मामले में पिछले चार महीने से झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी है। मामले में सीबीआई जांच पर सहमति के बावजूद केस आगे नहीं बढ़ पाया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में केनरा बैंक स्थित Jharkhand State Electricity Employees Master Trust के खाते से जालसाजी कर लगभग 109 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई थी। मामला सामने आने के बाद संस्था की ओर से संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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सीआईडी जांच के बाद मामला पहुंचा हाईकोर्ट
राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपी थी। सीआईडी ने जांच के बाद इसे साइबर क्राइम का मामला बताते हुए आरोप पत्र दाखिल किया। हालांकि बैंक ने सीआईडी जांच पर असंतोष जताते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने शपथ पत्र दाखिल कर जांच करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने मामले को 28 जनवरी को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था, लेकिन उसके बाद से अब तक सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।

बैंक की याचिका में कई पक्ष शामिल
वर्ष 2025 में बैंक की याचिका में खामियों को दूर करने के बाद सुनवाई हुई थी। याचिका में झारखंड सरकार, बिजली बोर्ड, ट्रस्ट, सीबीआई सहित कई पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। फिलहाल मामला न्यायालय में लंबित है और आगे की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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