CBI ने 60.54 करोड़ रुपये के घोटाले में IAS पंकज अग्रवाल को किया गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी

Meenu | June 23, 2026 | 12:17 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची :केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा शिक्षा परियोजना से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, शिक्षा परियोजना परिषद और कृषि विपणन बोर्ड के खातों से 60.54 करोड़ रुपये के गबन के मामले में उनकी भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

यह भी पढ़ें :झारखंड के 291 पीवीटीजी टोलों तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल, 320 सौर आधारित जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी

504 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का कथित तौर पर उल्लंघन करते हुए IDFC First Bank में खाते खोले गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से कुल 504 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह राशि कथित रूप से शेल कंपनियों के माध्यम से निकाली गई। मामले में कई सरकारी विभागों के वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

प्रधान सचिव रहते खोले गए थे खाते

सीबीआई के मुताबिक, पंकज अग्रवाल ने स्कूली शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के रूप में कार्यकाल के दौरान हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद और एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के खाते IDFC First Bank में खुलवाए थे। जांच में इन दोनों विभागों से जुड़े खातों से 60.54 करोड़ रुपये के कथित गबन की बात सामने आई है। इसी आधार पर एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया है।

17 लोगों के खिलाफ दाखिल हो चुका है आरोप पत्र

सीबीआई की जांच के अनुसार, इस मामले में अब तक 17 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क और कथित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इससे पहले सीबीआई ने हरियाणा के पंचकूला नगर निगम से जुड़े कथित घोटाले में IAS अधिकारी आर.के. सिंह को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

राज्य सरकार ने CBI को सौंपी थी जांच

हरियाणा शिक्षा परियोजना से जुड़े इस मामले की शुरुआती जांच राज्य निगरानी विभाग कर रहा था। हालांकि, मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की कथित संलिप्तता की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। सीबीआई वर्तमान में इस मामले के अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

Share this news

संबंधित खबरें