गेतलसूद सोलर प्रोजेक्ट के बेस कैंप पर ग्रामीणों का हंगामा, CSR फंड में गड़बड़ी और दुरुपयोग का आरोप

Rupa Kumari | June 12, 2026 | 05:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के गेतलसूद डैम क्षेत्र में निर्माणाधीन सोलर पावर प्रोजेक्ट को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गेतलसूद स्थित सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के बेस कैंप पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कंपनी के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के कथित दुरुपयोग और अनियमित खर्च को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि CSR मद में दिखाए जा रहे विकास कार्यों का वास्तविक लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा है, जबकि कागजों में करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

CSR फंड में फर्जी बिलिंग और गड़बड़ी के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फर्जी बिल बनाकर CSR फंड की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना में बिचौलियों की भूमिका बढ़ गई है, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले पहुंचे ग्रामीणों ने SECI प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी जमीन और संसाधनों का उपयोग परियोजना में हो रहा है, इसलिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और विकास योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुफ्त बिजली देने की भी मांग रखी।

यह भी पढ़ें: ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही ने तय सीमा से कई गुना अधिक धान बेचा, JSFCSCL की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पहले भी हो चुके हैं विरोध प्रदर्शन

यह पहली बार नहीं है जब इस परियोजना को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। इससे पहले 18 मई को भी ग्रामीणों ने SECI के खिलाफ प्रदर्शन किया था और CSR फंड में अनियमितता के आरोप लगाए थे। उस समय प्रशासनिक स्तर पर बैठक भी हुई थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि CSR खर्च का स्पष्ट ब्यौरा अब तक नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले दिए गए ज्ञापनों और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल

प्रदर्शन में दीपा उरांव, अनिता गाड़ी, शांति मुंडा, जितेंद्र उरांव, अजय उरांव, कामेश्वर महतो, सूरज उरांव, कृष्णा महतो, जगेश्वर महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजना के नाम पर उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन बदले में उन्हें न तो पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं और न ही परियोजना के लाभ में उचित हिस्सेदारी दी जा रही है। ऐसे में अब वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं।

Share this news

संबंधित खबरें