हाईकोर्ट अधिवक्ता पर फायरिंग मामले का 20 महीने बाद खुलासा, जमीन विवाद में चचेरे भाई ने रची थी साजिश

Rupa Kumari | June 12, 2026 | 11:26 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजधानी रांची में वर्ष 2024 में झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने करीब 20 महीने बाद खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे अधिवक्ता का ही चचेरा भाई था, जिसने पैतृक जमीन विवाद के चलते शूटर को सुपारी देकर फायरिंग कराई थी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कोर्ट से घर लौटते समय हुई थी फायरिंग

पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2024 को झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता बब्बन प्रसाद मोटरसाइकिल से कोर्ट से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रांची के रातु थाना क्षेत्र में बाइक सवार अपराधियों ने उन पर पीछे से गोली चला दी थी। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद रातु थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

एसएसपी की समीक्षा के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार

यह मामला लंबे समय से अनसुलझा था। हाल ही में रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने मामले की समीक्षा की, जिसके बाद रूरल एसपी के निर्देश पर डीएसपी अजय आर्यण के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न सुरागों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

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पैतृक जमीन विवाद बना हमले की वजह

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पलामू जिले के सुदना निवासी अनुज कुमार महतो और सतबरवा थाना क्षेत्र के पोंची निवासी गुलशन कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में शूटर गुलशन ने खुलासा किया कि बब्बन प्रसाद और उनके चचेरे भाई अनुज कुमार महतो के बीच पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अनुज ने पैसे देकर बब्बन प्रसाद की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद गुलशन और उसके सहयोगियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।

घटना में इस्तेमाल हथियार पहले ही हो चुका था जब्त

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और मोटरसाइकिल घटना के करीब दो महीने बाद पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र में एक अन्य आपराधिक मामले में जब्त कर ली गई थी। उस दौरान पुलिस ने कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े अपराधियों के खिलाफ रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।

शूटर का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ चैनपुर थाना में आर्म्स एक्ट और पांकी थाना में चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों एवं पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

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